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SUPER FAST HISTORY

                 सभी परीक्षाओ के लिए महत्वपूर्ण सामग्री 
                       सिंधु घाटी सभ्यता
महत्वपूर्ण तथ्य
 * प्रथम अवशेष "हड़प्पा" में प्राप्त हुआ इसलिए हड़प्पा सभ्यता कहलाया।
* सभ्यता की खोज का श्रेय रायबहादुर दयाराम साहनी को जाता है।
* 1921 में सर जॉन मार्शल के निर्देश में खुदाई करवाई की गयी।
* उत्तर में मांदा (जम्मू) , दक्षिण में दैमाबाद, पूर्व में आलमगीरपुर पश्चिम में सुतकागेंडोर।
* आकृति - त्रिभुजाकर
* क्षेत्रफल - 12,99,600  वर्ग किमी 0
* C-14 पद्धति के अनुसार सर्वमान्य काल 2500 ई० पू ० से 1750 ई ० पू ० तक।
* हड़प्पा सभ्यता एक आद्ध ऐतिहासिक है क्योंकि लिखित विवरण पढ़ा नहीं जा सका है।
* परवर्ती हड़प्पा को झांगर संस्कृति भी कहा जाता है।
* यह एक Bronze सभ्यता है।
* सभ्यता के मूल संस्थापक - प्रोटो ऑस्ट्रेलॉयड अल्पाइन और मंगोलायड (सर्वाधिक) .
* पिग्गट के अनुसार हड़प्पा और मोहनजोदाडो जुड़वाँ राजधानी थी।
* मुख्य शहर- हड़प्पा,मोहनजोदाड़ो,चन्हूदड़ो,लोथल,कालीबंगा,धौलावीरा।
* सिंधु सभ्यता के देशी विकास के प्रमाण चार स्थलों से मिले है - मेहरगढ़,आमरी,कालीबंगा,लोथल।
* निर्माण कार्य के लिए मानकीकृत आकार के पक्की ईंटो का प्रयोग होता था।
* अधिकतर ईंट खुले सांचे में बनती थी।
* विश्व में सर्वप्रथम कपास उगाने श्रेय हड़प्पा वासियो को है।
* गेंहू और जौ मुख्य फसल थे।
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* अन्य फसले खजूर,सरसों,तिल,कपास,मटर,चावल।
* दो प्रकार के गेंहू - कल्बहिट एंव ड्वार्फ।
* चावल रंगपुर एंव लोथल में ही पाया गया है।
* गन्ना उपजाने का प्रमाण नहीं मिला है.
* खेतो को जोतने के बजाये कोड़ा जाता था।
* मुहरो पर बिना कूबड़ वाले सांड के चित्र अंकित ।
* ऊंट की अस्थि कालीबंगा से मिले है।
* हाथी और घोडा पालने का साक्ष्य नहीं मिला है।
* भारत में चांदी सर्वप्रथम सिंधु सभ्यता से ही मिला है।
* अधिकतर बर्तन सादे थे बहुरंगी कम थे।
* मुहरे सेलखड़ी की बनती थी और इन्हें आरी से काटकर बनाया जाता था।
* लोथल तथा चन्हूदड़ो में कार्नेलियन के मनके बनाए जाते थे।
* हड़प्पा के धातु शिल्प में तांबे और कांसे के भव्य बर्तन महत्वपूर्ण है।
*सभी विनिमय सम्भवत: वस्तु विनिमय प्रणाली द्वारा किया जाता था
*सुमेर (मेसोपोटामिया आधुनिक ईराक ) के ग्रंथो में सिंधु सभ्यता के लिए 'मेलुहा शब्द का प्रयोग किया गाय है।
* विदेशी व्यापार मुख्त: मेसोपोटामिया और बहरीन से होता था।
* आयात की वस्तु :- सोना,तांबा,टीन,लाजवर्द,फिरोज जामनी,शंख।
*निर्यात की वस्तु :- गेंहूँ,जौ,मटर ,तिलहन,कपास की वस्तु,मिट्टी के बर्तन,कार्नेलियन मनके,सीप की वस्तुएं,टेराकोटा की मूर्तियां, हाथी के दांत।
* हड़प्पा एंव मोहनजोदड़ो से प्राप्त कई मुहरों पर जहाजों की आकृतियाँ प्राप्त हुई है।
* बंदरगाह नगर :- सुत्कांगे डोर,बालाकोट ,लोथल।
*  6 बड़े नगर :- मोहनजोदड़ो,हड़प्पा,गणवारीवाला,धौलावीरा,राखीगढ़ी,कालीबंगा।
* ,मनोरंजन हेतु - मछली पकड़ना,शिकार खेलना,पशु-पक्षियों को लड़ाना,चौपड़ व पासा खेलना।
* पर्दा प्रथा व वेश्यावृति का प्रचलन था।
* शवों को जलाना (मोहनजोदड़ो ) व दफ़नाने (हड़प्पा ) .
* लोथल व कालीबंगा में युग्म समाधि।
* विनाश का प्रभावी कारण - बाढ़
* समाज - मातृसत्तामक
* मातृदेवी की उपसाना - सर्वाधिक प्रचलित
* लिपि - चित्रात्मक
* मिठास के लिए शहद का प्रयोग
* घोड़े के अस्थि पंजा - सुरकोटदा,कालीबंगा,लोथल।
* धरती - उर्वरता देवी।
* वृक्ष व शिव की पूजा का प्रचलन।

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